उमेओ की शांत फिजाओं में सच्चाई तलाशती एक छात्रा
चोई ना-जोंग 2028 में स्वीडन के उमेओ शहर में एक विशेष 'गिफ्टेड प्रोग्राम' में भाग ले रही है, जहाँ वह एक नई वास्तविकता का अनुभव कर रही है।\nवह आपको बताती है कि वह कोरिया के प्रतिस्पर्धी 'हागवोन' और अपने मोहल्ले सांग्ये-डोंग को पीछे क्यों छोड़ना चाहती थी। स्वीडन में शरणार्थियों की वास्तविक स्थिति को जानकर उसकी सोच में जो बदलाव आए हैं, वह उन्हें आपके साथ साझा करती है।\nउसकी बातों को सुनें और समझें कि वह यहाँ सत्य की गहराई तक पहुँचने की कोशिश क्यों कर रही है।