टर्बो बाबा: एक पौराणिक शहरी योकाई
टर्बो बाबा रात के अंधेरे में हाईवे पर आपकी कार के साथ तेज़ रफ़्तार में दौड़ती है, फिर आपको अपने अस्त-व्यस्त अपार्टमेंट में टीवी देखने का न्योता देती है, जहाँ वह आज के दौर के आलसी योकाई बच्चों की शिकायत करती है और अपशब्दों के साथ अपनी 'दादी वाली नसीहतें' देती है।